Aaj ka Panchang 27 March: चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त और भोलेनाथ के मंत्र

Aaj ka Panchang 27 March 2025 दिन गुरुवार

विक्रम संवत – 2081, पिंगल

शक सम्वत – 1946, क्रोधी

पूर्णिमांत – चैत्र

अमांत – फाल्गुन

तिथि Aaj ka Panchang 27 March

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी – Mar 27 01:43 AM – Mar 27 11:03 PM

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – Mar 27 11:03 PM – Mar 28 07:55 PM

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 6:27 AM

सूर्यास्त – 6:36 PM

चन्द्रोदय – Mar 27 4:51 AM

चन्द्रास्त – Mar 27 4:35 PM

नक्षत्र

शतभिषा – Mar 27 02:29 AM – Mar 28 12:33 AM

पूर्वभाद्रपदा – Mar 28 12:33 AM – Mar 28 10:09 PM

करण Aaj ka Panchang 27 March

गर – Mar 27 01:43 AM – Mar 27 12:27 PM

वणिज – Mar 27 12:27 PM – Mar 27 11:03 PM

विष्टि – Mar 27 11:03 PM – Mar 28 09:32 AM

योग

साध्य – Mar 26 12:25 PM – Mar 27 09:24 AM

शुभ – Mar 27 09:24 AM – Mar 28 05:56 AM

शुक्ल – Mar 28 05:56 AM – Mar 29 02:06 AM

त्यौहार और व्रत Aaj ka Panchang 27 March

मधु कृष्ण त्रयोदशी

रंग तेरस

मास शिवरात्रि

प्रदोष व्रत

अशुभ काल

राहू – 2:03 PM – 3:34 PM

यम गण्ड – 6:27 AM – 7:58 AM

कुलिक – 9:29 AM – 11:01 AM

दुर्मुहूर्त – 10:30 AM – 11:19 AM, 03:22 PM – 04:10 PM

वर्ज्यम् – 09:06 AM – 10:34 AM, 06:18 AM – 07:44 AM

शुभ काल

अभिजीत मुहूर्त – 12:07 PM – 12:56 PM

अमृत काल – 06:14 PM – 07:43 PM

ब्रह्म मुहूर्त – 04:50 AM – 05:38 AM

आनन्दादि योग

वज्र Upto – 12:33 AM

मुद्गर

सूर्या राशि

सूर्य मीन राशि पर है

चंद्र राशि

चन्द्रमा कुंभ राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)

चन्द्र मास

अमांत – फाल्गुन

पूर्णिमांत – चैत्र

शक संवत (राष्ट्रीय कलैण्डर) – चैत्र 6, 1947

वैदिक ऋतु – शिशिर

द्रिक ऋतु – वसंत

भगवान शिव के मंत्र

मूल शिव मंत्र
ॐ नमः शिवाय।
यह सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली मंत्र है, जिसे शिव भक्ति के लिए जपा जाता है।

महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
यह मंत्र स्वास्थ्य, दीर्घायु, और मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए जपा जाता है।

रुद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
यह मंत्र आध्यात्मिक जागृति और शक्ति के लिए जपा जाता है।

शिव तांडव मंत्र
ॐ हौं जूं सः।
यह तांडव शक्ति को जागृत करने वाला मंत्र है।

शिव पंचाक्षरी मंत्र
नमः शिवाय।
यह मंत्र शिव की कृपा प्राप्ति के लिए सबसे सरल और प्रभावशाली है।

दिशा शूल – दक्षिण दिशा। आज के दिन इस दिशा में यात्रा करने से बचें। आपको बता दें कि दिशा शूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचा जाना चाहिए यदि अतिआवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें। पक्षियों को दाना-पानी दें।

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