
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा गया है। प्रथम पुज्य भी भगवान गणेश ही हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का ही नाम लिया जाता है और किसी भी यज्ञ, पूजा या अनुष्ठान से पहले भगवान गणेश की पूजा होती है। भगवान गणेश बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं।
यदि आप सच्ची श्रद्धा से इनका स्मरण करते हैं तो निश्चित तौर पर आपके बिगड़े काम बन जाएंगे। आज हम आपको भगवान गणेश के पांच ऐसे मंत्र के बारे में बताएंगे जिन्हें जपने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। इन मंत्रों का जाप कम-से-कम 108 बार करना चाहिए।
मंत्र- 1
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
मंत्र – 2
विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदराय सकलाय जगद्धितायं।
नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते।।
मंत्र – 3
अमेयाय च हेरंब परशुधारकाय ते।
मूषक वाहनायैव विश्वेशाय नमो नमः।।
मंत्र – 4
एकदंताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः।
प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने।।
मंत्र – 5
एकदंताय विद्महे, वक्रतुंडाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात।।