
वृष (Taurus )- इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
वृष राशिफल 2025: वृष राशि वालों के लिए यह वर्ष सामान्य शुभदायक रहेगा। स्वास्थ्य सम्बन्धी विशेष परेशानी हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति विशेष सचेत रहना चाहिए। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। जमा पूंजी के धन में वृद्धि होगी। वाहन खरीदने की योजना बनेगी। सम्पत्ति के सम्बन्ध में पारिवारिक विवाद सम्भव है।
व्यापार से सामान्य लाभ होगा। कार्य क्षेत्र में प्रगति होगी। दाम्पत्य जीवन में कटुता आयेगी। सन्तान सम्बन्धी चिन्ता रहेगी। वर्ष के उत्तरार्ध में सन्तान के लिए अच्छी खबर रहे आयेगी। माता-पिता का स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। घर में मांगलिक कृत्य होंगे। 2,4,7 मास कष्टदायक रहेंगे।
Horoscope 2025 : वृष राशिफल 2025
करियर और वित्त
करियर: करियर के क्षेत्र में वृष राशि के जातकों के लिए यह साल नए अवसरों और चुनौतियों का रहेगा। आपकी मेहनत और समर्पण का फल मिलेगा। उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। यदि आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो साल का मध्य अनुकूल रहेगा।
वित्त: वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। जमीन-जायदाद या लंबे समय से रुके हुए निवेश से लाभ मिलेगा। हालांकि, अनावश्यक खर्चों से बचें और दीर्घकालिक निवेश योजनाओं पर ध्यान दें।
स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के मामले में यह वर्ष सामान्य रहेगा। हालांकि, साल के अंत में मौसमी बीमारियों से बचाव की आवश्यकता होगी। मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें और तनाव को दूर करने के लिए नियमित योग और ध्यान का सहारा लें।
प्रेम और संबंध
प्रेम जीवन: वृष राशि के जातकों का प्रेम जीवन सुखद रहेगा। अविवाहित जातकों के लिए विवाह के योग बन सकते हैं। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बना रहेगा।
पारिवारिक जीवन: परिवार के साथ समय बिताने और उनकी भावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। किसी धार्मिक या सामाजिक आयोजन में शामिल होने के संकेत हैं।
शिक्षा
वृष राशि के छात्रों के लिए 2025 शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का समय है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होगी। तकनीकी और शोध से जुड़े छात्रों के लिए यह वर्ष विशेष लाभदायक रहेगा।
यात्रा
यात्राओं के लिए यह साल अनुकूल है। व्यवसायिक और व्यक्तिगत यात्राएं लाभदायक होंगी। धार्मिक यात्राओं के भी योग बन रहे हैं।
शुभ समय और उपाय
- शुभ रंग: सफेद और हरा
- शुभ अंक: 6 और 2
उपाय
- प्रतिदिन भगवान श्रीविष्णु की पूजा करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- शुक्रवार को गुलाबी रंग की वस्तु का दान करें, जैसे कि गुलाबी वस्त्र या गुलाबी फूल।
- हर गुरुवार को केले के पेड़ के नीचे जल चढ़ाएं और वहां फल दान करें।
- मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग का अभ्यास करें।
- रिश्तों में संतुलन बनाए रखने के लिए परिवार और साथी के साथ खुलकर बात करें।