Dvadasa Jyotirlinga Stotram: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रिशैले मल्लिकार्जुनम्। उज्जयिन्यां महाकालमोमकारममलेश्वरम्॥ परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्। सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारूकावने॥ वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमी तटे। हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥ एतानिऔर पढ़ें
और पढ़ेंShri Suktam Path: श्री सूक्तम्
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं, सुवर्णरजतस्त्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं, जातवेदो म आ वह ।। तां म आ वह जातवेदो, लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं, गामश्वं पुरूषानहम् ।। अश्वपूर्वां रथमध्यां, हस्तिनादप्रमोदिनीम् ।और पढ़ें
और पढ़ेंPurusha Suktam: पुरुष सुक्तम् – सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्
सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशाङुलम् ॥१॥ पुरुष एवेदं सर्वं यद्भूतं यच्च भव्यम् । उतामृतत्वस्येशानो यदन्नेनातिरोहति ॥२॥ एतावानस्य महिमातो ज्यायाँश्च पूरुषः । पादोऽस्य विश्वा भूतानि त्रिपादस्यामृतं दिविऔर पढ़ें
और पढ़ेंSwasti Vachan Mantra: स्वस्तिवाचन
ॐ आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः । देवा नो यथा सदमिद् वृधे असन्नप्रायुवो रक्षितारो दिवे दिवे॥ देवानां भद्रा सुमतिर्ऋजूयतां देवानारातिरभि नो निवर्तताम्। देवानांऽ सख्यमुपसेदिमा वयं देवा नऔर पढ़ें
और पढ़ेंKanakdhara Stotra: अपार धन-संपदा के लिए करें कनकधारा स्तोत्र का पाठ
कनकधारा स्तोत्र माता लक्ष्मी को आकर्षित करने वाला सबसे बड़ा मंत्र है। मान्यता है कि नियमित तौर पर कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने वालों को धन-धान्य की कमी नहीं रहतीऔर पढ़ें
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ज्योतिष के अनुसार कुल नौ ग्रह हैं और ये नौ ग्रह कुंडली के 12 भावों में अपनी स्थितियों के अनुसार फल देते हैं। सनातन धर्म में ज्योतिष के अंतर्गत कुंडलीऔर पढ़ें
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वैसे तो आम बोलचाल की भाषा में मंगल का मतलब शुभ होता है लेकिन जब बात किसी के कुंडली की होती है तो वहां मंगल दोष हो जाता है। मंगलऔर पढ़ें
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