Pradosh Vrat 2025: मार्च का आखिरी प्रदोष व्रत आज, जानें पूजा विधि और मंत्र
Pradosh Vrat 2025: आज प्रदोष व्रत है, एक ऐसा आध्यात्मिक अनुष्ठान जो श्रद्धा और भक्ति से संपन्न किया जाता है। पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष और शुक्लऔर पढ़ें
और पढ़ेंमहत्वपूर्ण जानकारी: शास्त्रों के अनुसार किस माला से किस देवी-देवता का जाप करें
जाप (मंत्र या नाम का उच्चारण) के लिए माला का उपयोग एक पुरानी और पवित्र परंपरा है। विभिन्न मंत्रों और देवताओं के अनुसार, अलग-अलग प्रकार की मालाओं का उपयोग कियाऔर पढ़ें
और पढ़ेंShree Shiv Shankratshtkam: श्री शिवशंकराष्टकम्
श्री शिवशंकराष्टकम् रुद्राय लोकसुखदाय जटाधिपाय भाले त्रिपुण्ड्रलसिताय महेश्वराय। गङ्गाधराय गिरिशाय दिगम्बराय तस्मै नमो भगवते शिवशंकराय ।। भूतेश्वराय गिरिजापतये हराय श्रीशम्भवे बलवते महते मृडाय । लङ्केशरावणनिशाचरवन्दिताय तस्मै नमो भगवते शिवशंकराय ।।और पढ़ें
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सावन (Sawan 2024) का पावन महीना चल रहा है। सावन का महीना पूरी तरह से देवों के देव महादेव को समर्पित है। महादेव अपने भक्तों का बहुत ही ख्याल रखतेऔर पढ़ें
और पढ़ेंSawan Special: रुद्राक्ष में देवी-देवताओं का वास, एक मुखी में ब्रह्मा का वास होता, जानें अन्य के बारे में
सावन 2024 की स्पेशल सीरीज में आज हम आपको रुद्राक्ष और उसके महत्व के बारे में बताएंगे। आप तो जानते ही हैं कि रुद्राक्ष (Rudraksha) और देवों के देव महादेवऔर पढ़ें
और पढ़ेंAshadha Masik Shivratri 2024: शिवरात्रि पर महादेव की कृपा के लिए इन चीजें से करें अभिषेक
वैसे तो सावन की शिवरात्रि का काफी महत्व होता है लेकिन हर महीने की शिवरात्रि को लेकर भी शास्त्रों में कम महत्व नहीं बताए गए हैं। कल यानी 4 जुलाईऔर पढ़ें
और पढ़ेंPradosh Vrat 2024: बुध प्रदोष व्रत आज, जानें भगवान शिव व्रतों में इसका क्यों है खास महत्व?
आज प्रदोष व्रत है। आज आषाढ़ महीने का प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। प्रदोष यानी त्रयोदशी तिथि की शुरूआत 3 जुलाई की सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर हुईऔर पढ़ें
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Chaturmas 2024 Start Date: चातुर्मास का अर्थ इसके नाम में ही छिपा है। चातुर्मास का शाब्दिक अर्थ चार महीने से है। चातुर्मास के चार महीने भगवान नारायण यानी भगवान विष्णुऔर पढ़ें
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